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OCN Research Desk · भारतीय संसदीय लोकतंत्र

भारत का सत्रहवाँ लोकसभा चुनाव 2019 : नरेंद्र मोदी की दूसरी जीत, भाजपा की 303 सीटें और कांग्रेस की 52 सीटें

राज्यवार सीटें, दलवार नतीजे और मत प्रतिशत, प्रमुख नेता तथा चुनावी घटनाक्रम

ओमकार चौधरी / OCN Research Deskस्वतंत्र शोध अध्याय · 27 अक्टूबर 2026
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भारतीय संसदीय चुनावों का इतिहास — सत्रहवाँ अध्याय

भारत का सत्रहवाँ लोकसभा आम चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई 2019 तक सात चरणों में संपन्न हुआ। 23 मई को मतगणना के बाद परिणाम सामने आए। इस चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया।

भाजपा को 303 और कांग्रेस को 52 सीटें मिलीं। भाजपा का राष्ट्रीय मत प्रतिशत 2014 के लगभग 31 प्रतिशत से बढ़कर 37.36 प्रतिशत हुआ, जबकि कांग्रेस को लगभग 19.49 प्रतिशत मत प्राप्त हुए।

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने चुनाव में 352 सीटें जीतीं। डॉ. मनमोहन सिंह के बाद नरेंद्र मोदी लगातार दो आम चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री बनने वाले नेता बने।

30 मई 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नरेंद्र मोदी को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई।

भाजपा की सीटें
303
कांग्रेस की सीटें
52
एनडीए की सीटें
352
मतदान प्रतिशत
67.40%

1. सत्रहवें लोकसभा चुनाव के महत्वपूर्ण आँकड़े

चुनाव संबंधी विषयविवरण
लोकसभासत्रहवीं
चुनाव की तारीखें11 अप्रैल–19 मई 2019
मतदान के चरण7
मुख्य मतगणना23 मई 2019
कुल निर्धारित निर्वाचित सीटें543
मई में परिणाम घोषित542
वेल्लोर में बाद में मतदान5 अगस्त 2019
वेल्लोर का परिणाम9 अगस्त 2019
बहुमत के लिए272
सामान्य सीटें412
अनुसूचित जाति आरक्षित84
अनुसूचित जनजाति आरक्षित47
कुल पंजीकृत मतदाता91,19,50,734
मतदान करने वाले61,46,84,398
मतदान प्रतिशत67.40%
चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी8,054
महिला प्रत्याशी726
निर्वाचित महिला सांसद78
चुनाव में भाग लेने वाले दल673
निर्दलीय निर्वाचित4
नोटा मत65,22,772
नोटा मत प्रतिशत1.06%
मुख्य निर्वाचन आयुक्तसुनील अरोड़ा
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी

स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग के सत्रहवें लोकसभा चुनाव के अंतिम सांख्यिकीय अभिलेख।

542 और 543 सीटों का अंतर क्यों?

तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट का चुनाव धन जब्ती और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित परिस्थितियों के कारण अप्रैल 2019 में रद्द कर दिया गया था।

बाकी 542 सीटों के परिणाम 23 मई के आसपास घोषित हुए। वेल्लोर में 5 अगस्त को मतदान हुआ और 9 अगस्त को डीएमके के डी. एम. कथिर आनंद विजयी घोषित हुए। उन्होंने अन्नाद्रमुक गठबंधन के ए. सी. षणमुगम को 8,141 मतों से पराजित किया।

इसलिए मुख्य मई परिणाम में डीएमके की 23 सीटें, जबकि अगस्त में वेल्लोर जोड़ने पर 24 सीटें थीं। इस अध्याय की राज्यवार पूर्ण तालिका में सभी 543 सीटें शामिल हैं।

2. चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि

2014 में भाजपा ने 282 सीटें जीतकर केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और अमित शाह जुलाई 2014 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

2014 से 2019 के बीच सरकार के अनेक निर्णय तथा राष्ट्रीय घटनाएँ चुनावी बहस का हिस्सा बनीं।

1. 2014 — जनधन, स्वच्छ भारत और मेक इन इंडिया

वित्तीय समावेशन, स्वच्छता और औद्योगिक निवेश से संबंधित कार्यक्रम शुरू किए गए। 2. 2016 — उरी आतंकवादी हमला और सैन्य कार्रवाई

सितंबर 2016 में उरी आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों के विरुद्ध लक्षित सैन्य कार्रवाई की घोषणा की। 3. 8 नवंबर 2016 — विमुद्रीकरण

तत्कालीन ₹500 और ₹1,000 के नोटों को चलन से हटाने का निर्णय लागू हुआ। इसके आर्थिक प्रभावों और उद्देश्यों की उपलब्धि को लेकर व्यापक बहस हुई। 4. 1 जुलाई 2017 — जीएसटी लागू

पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था लागू हुई। यह अप्रत्यक्ष कर प्रणाली का बड़ा परिवर्तन था। 5. 2018 — आयुष्मान भारत

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू हुई। गरीब एवं पात्र परिवारों के लिए अस्पताल में उपचार के खर्च संबंधी प्रावधान किए गए। 6. दिसंबर 2018 — विधानसभा चुनाव

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने भाजपा से सत्ता प्राप्त की। ये परिणाम आम चुनाव से कुछ महीने पहले आए थे। 7. 14 फरवरी 2019 — पुलवामा आतंकवादी हमला

सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली। 8. 26 फरवरी 2019 — बालाकोट में वायुसेना की कार्रवाई

भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े प्रशिक्षण परिसर को निशाना बनाने की घोषणा की। इसके अगले दिन भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई सैन्य संघर्ष हुआ।

चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व, विकास, रोजगार, किसानों की स्थिति, आर्थिक नीतियाँ और भ्रष्टाचार के आरोप सहित अनेक मुद्दे उठे। कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे तथा न्याय योजना को प्रमुख प्रचार विषय बनाया, जबकि भाजपा ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों पर जोर दिया।

3. प्रमुख राजनीतिक दल और उनके तत्कालीन नेता

राजनीतिक दलप्रमुख नेता
भारतीय जनता पार्टीनरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसराहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा
बहुजन समाज पार्टीमायावती
समाजवादी पार्टीअखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव
तृणमूल कांग्रेसममता बनर्जी
डीएमकेएम. के. स्टालिन
अन्नाद्रमुकई. के. पलानीस्वामी, ओ. पन्नीरसेल्वम
वाईएसआर कांग्रेस पार्टीवाई. एस. जगन मोहन रेड्डी
तेलुगु देशम पार्टीएन. चंद्रबाबू नायडू
तेलंगाना राष्ट्र समितिके. चंद्रशेखर राव
बीजू जनता दलनवीन पटनायक
जनता दल (यूनाइटेड)नीतीश कुमार, आर. सी. पी. सिंह
लोक जनशक्ति पार्टीरामविलास पासवान, चिराग पासवान
शिवसेनाउद्धव ठाकरे
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीशरद पवार
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टीसीताराम येचुरी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टीडी. राजा, एस. सुधाकर रेड्डी
आम आदमी पार्टीअरविंद केजरीवाल
शिरोमणि अकाली दलसुखबीर सिंह बादल, प्रकाश सिंह बादल
राष्ट्रीय जनता दललालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय लोकदलअजित सिंह, जयंत चौधरी
असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंटबदरुद्दीन अजमल
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंसफारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला
एमआईएमअसदुद्दीन ओवैसी
झारखंड मुक्ति मोर्चाशिबू सोरेन, हेमंत सोरेन
अपना दल (सोनेलाल)अनुप्रिया पटेल
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टीहनुमान बेनीवाल

2009 और 2014 में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं, लेकिन 2019 के चुनाव के समय राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह थे और प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी उसका नेतृत्व कर रहे थे।

4. किस पार्टी को कितनी सीटें और कितना राष्ट्रीय वोट शेयर मिला?

निर्वाचन आयोग के मई 2019 के मुख्य परिणाम तथा अगस्त में वेल्लोर की सीट जोड़कर प्रमुख दलों की स्थिति इस प्रकार थी।

राजनीतिक दलसीटेंराष्ट्रीय मत प्रतिशत (मई चुनाव)
भारतीय जनता पार्टी30337.36%
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस5219.49%
डीएमके24लगभग 2.34%
तृणमूल कांग्रेस224.06%
वाईएसआर कांग्रेस222.53%
शिवसेना182.05%
जनता दल (यूनाइटेड)161.45%
बीजू जनता दल121.66%
बहुजन समाज पार्टी103.62%
तेलंगाना राष्ट्र समिति91.25%
लोक जनशक्ति पार्टी6लगभग 0.52%
समाजवादी पार्टी52.55%
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी51.39%
तेलुगु देशम पार्टी32.04%
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी31.77%
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस3लगभग 0.05%
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग30.26%
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी20.58%
शिरोमणि अकाली दल20.62%
अपना दल (सोनेलाल)20.17%
एमआईएम2लगभग 0.20%
आम आदमी पार्टी10.44%
अन्नाद्रमुक1लगभग 1.28%
जनता दल (सेक्युलर)10.56%
झारखंड मुक्ति मोर्चा10.31%
असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट10.23%
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी10.11%
आजसू पार्टी1लगभग 0.11%
केरल कांग्रेस (एम)1लगभग 0.07%
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी1लगभग 0.12%
अन्य एक-सीट वाले दल6—
निर्दलीय4लगभग 2.68%

मई के 542 सीटों वाले परिणाम में डीएमके की 23 सीटें थीं। यहाँ उसके अगस्त 2019 में मिले वेल्लोर के अतिरिक्त सांसद को जोड़ा गया है। मत प्रतिशत मुख्य चुनाव के हैं; अलग अवधि के वोटों को मिलाकर नया राष्ट्रीय प्रतिशत नहीं बनाया गया है।

मत प्रतिशत के उल्लेखनीय तथ्य

भाजपा को 37.36 प्रतिशत राष्ट्रीय मत मिले और उसने 303 सीटें जीतीं। यानी लगभग 37 प्रतिशत मतों के आधार पर उसने कुल निर्वाचित सीटों का लगभग 55.8 प्रतिशत हासिल किया।

कांग्रेस को लगभग 19.49 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, लेकिन केवल 52 सीटें मिलीं। उसका राष्ट्रीय मत आधार 2014 के मुकाबले थोड़ा बढ़ा, लेकिन सीटें सिर्फ आठ अधिक हुईं।

बसपा ने 3.62 प्रतिशत राष्ट्रीय वोटों पर दस सीटें जीतीं। समाजवादी पार्टी को 2.55 प्रतिशत मतों पर पाँच सीटें मिलीं। दोनों दल उत्तर प्रदेश में चुनाव-पूर्व गठबंधन में थे।

दक्षिण भारत में डीएमके, वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति का महत्वपूर्ण प्रदर्शन रहा। ओडिशा में बीजू जनता दल ने 12 सीटें जीतीं।

5. राज्यवार सीटें : कांग्रेस, भाजपा और अन्य दल

निम्न तालिका में 2019 के सभी 543 निर्वाचन क्षेत्रों के अंतिम परिणाम, अगस्त में वेल्लोर की सीट सहित, दर्शाए गए हैं।

राज्य / केंद्रशासित प्रदेशकुल सीटेंभाजपाकांग्रेसअन्य दल
उत्तर प्रदेश8062117
महाराष्ट्र4823124
पश्चिम बंगाल4218222
बिहार4017122
तमिलनाडु390831
मध्य प्रदेश292810
कर्नाटक282512
गुजरात262600
राजस्थान252401
आंध्र प्रदेश250025
ओडिशा218112
केरल200155
तेलंगाना174310
असम14932
झारखंड141112
पंजाब13283
छत्तीसगढ़11920
हरियाणा101000
दिल्ली7700
जम्मू-कश्मीर6303
उत्तराखंड5500
हिमाचल प्रदेश4400
अरुणाचल प्रदेश2200
गोवा2110
मणिपुर2101
मेघालय2011
त्रिपुरा2200
मिजोरम1001
नगालैंड1001
सिक्किम1001
अंडमान-निकोबार1010
चंडीगढ़1100
दादरा-नगर हवेली1001
दमन-दीव1100
लक्षद्वीप1001
पुडुचेरी1010
कुल54330352188

स्रोत: निर्वाचन आयोग के राज्यवार चुनाव परिणामों के आधार पर संकलन। तमिलनाडु में वेल्लोर का अगस्त 2019 परिणाम सम्मिलित है।

6. महत्वपूर्ण राज्यों में दलवार पूरे परिणाम

राज्यप्रमुख पार्टियों को मिली सीटें
उत्तर प्रदेशभाजपा 62, बसपा 10, सपा 5, अपना दल (एस) 2, कांग्रेस 1
बिहारभाजपा 17, जदयू 16, लोजपा 6, कांग्रेस 1
महाराष्ट्रभाजपा 23, शिवसेना 18, एनसीपी 4, कांग्रेस 1, एमआईएम 1, निर्दलीय 1
पश्चिम बंगालतृणमूल 22, भाजपा 18, कांग्रेस 2
मध्य प्रदेशभाजपा 28, कांग्रेस 1
कर्नाटकभाजपा 25, कांग्रेस 1, जद (सेक्युलर) 1, निर्दलीय 1
गुजरातभाजपा 26
राजस्थानभाजपा 24, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 1
आंध्र प्रदेशवाईएसआर कांग्रेस 22, तेलुगु देशम 3
तमिलनाडुडीएमके 24, कांग्रेस 8, भाकपा 2, माकपा 2, अन्नाद्रमुक 1, मुस्लिम लीग 1, वीसीके 1
ओडिशाबीजद 12, भाजपा 8, कांग्रेस 1
केरलकांग्रेस 15, मुस्लिम लीग 2, माकपा 1, केरल कांग्रेस (एम) 1, आरएसपी 1
तेलंगानाटीआरएस 9, भाजपा 4, कांग्रेस 3, एमआईएम 1
असमभाजपा 9, कांग्रेस 3, एआईयूडीएफ 1, निर्दलीय 1
झारखंडभाजपा 11, कांग्रेस 1, झामुमो 1, आजसू 1
पंजाबकांग्रेस 8, भाजपा 2, अकाली दल 2, आम आदमी पार्टी 1
छत्तीसगढ़भाजपा 9, कांग्रेस 2
हरियाणाभाजपा 10
दिल्लीभाजपा 7
जम्मू-कश्मीरभाजपा 3, नेशनल कॉन्फ्रेंस 3
उत्तराखंडभाजपा 5
हिमाचल प्रदेशभाजपा 4

7. उत्तर प्रदेश : सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा का प्रदर्शन

2019 के चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक प्रमुख घटनाक्रम समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन था। 1993 के बाद दोनों दलों के संबंधों में लंबे समय तक टकराव रहा था। 2019 में अखिलेश यादव और मायावती ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए चुनावी तालमेल किया।

कांग्रेस इस गठबंधन का हिस्सा नहीं थी।

पार्टीसीटेंप्रदेश में मत प्रतिशत
भाजपा6249.56%
बसपा1019.26%
समाजवादी पार्टी517.96%
कांग्रेस16.31%
अपना दल (सोनेलाल)2लगभग 1.01%

भाजपा और अपना दल ने मिलकर 64 सीटें जीतीं। सपा और बसपा के गठबंधन को 15 सीटें मिलीं। कांग्रेस की ओर से केवल रायबरेली में सोनिया गांधी निर्वाचित हुईं।

2014 और 2019 में उत्तर प्रदेश का परिवर्तन

पार्टी20142019
भाजपा7162
बसपा010
समाजवादी पार्टी55
कांग्रेस21
अपना दल22

भाजपा की सीटें नौ कम हुईं, लेकिन उसका प्रदेश में वोट प्रतिशत 2014 के 42.32 प्रतिशत से बढ़कर 2019 में लगभग 49.56 प्रतिशत हो गया। यह सीट और वोट शेयर के बीच अंतर का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

8. चुनाव के आठ प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम

1. नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ लौटे

भाजपा की सीटें 2014 की 282 से बढ़कर 303 हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से दूसरी बार चुनाव जीता। भाजपा को एकदलीय बहुमत और एनडीए को व्यापक गठबंधन बहुमत प्राप्त हुआ।

2. अमित शाह पहली बार लोकसभा पहुँचे

तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात की गांधीनगर सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। नई सरकार में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया।

गांधीनगर से इससे पहले वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी कई बार सांसद निर्वाचित हुए थे।

3. अमेठी में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को हराया

अमेठी के परिणाम ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा प्राप्त की। 2014 में राहुल गांधी से पराजित स्मृति ईरानी ने 2019 में उन्हें 55,120 मतों से हराया।

राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से भी लड़े और वहाँ विजयी हुए।

4. तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन का प्रदर्शन

डीएमके ने अगस्त में वेल्लोर सहित 24 और कांग्रेस ने आठ सीटें जीतीं। सहयोगी वाम दलों सहित गठबंधन ने तमिलनाडु की 39 में से 38 सीटें जीत लीं।

अन्नाद्रमुक को केवल एक सीट मिली, जबकि 2014 में उसके 37 सांसद निर्वाचित हुए थे।

5. पश्चिम बंगाल में भाजपा का विस्तार

तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीटें जीतीं, लेकिन भाजपा ने अपनी सीटें 2014 की दो से बढ़ाकर 18 कर लीं।

कांग्रेस को दो सीटें मिलीं, जबकि वामपंथी दल एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सके।

6. आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस की जीत

वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने आंध्र प्रदेश की 25 में से 22 लोकसभा सीटें जीतीं।

विधानसभा चुनाव में भी वाईएसआर कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बने। चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम सत्ता से बाहर हो गई।

7. राहुल गांधी की अमेठी में हार और वायनाड से जीत

राहुल गांधी अमेठी और वायनाड से मैदान में थे। अमेठी में पराजय हुई, जबकि वायनाड में उन्होंने बड़े अंतर से जीत प्राप्त की।

चुनाव परिणाम के बाद राहुल गांधी ने जुलाई 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। सोनिया गांधी अगस्त 2019 में अंतरिम अध्यक्ष बनीं।

8. सपा-बसपा गठबंधन के परिणाम

बसपा को दस और सपा को पाँच सीटें मिलीं। बसपा ने 2014 के शून्य से अपना प्रतिनिधित्व बढ़ाया, जबकि सपा की सीटें पाँच ही रहीं।

चुनाव के बाद दोनों दलों ने गठबंधन जारी नहीं रखा।

9. प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम

निर्वाचन क्षेत्रविजेतामुख्य प्रतिद्वंद्वी / राजनीतिक महत्व
वाराणसीनरेंद्र मोदी — भाजपासपा की शालिनी यादव
अमेठीस्मृति ईरानी — भाजपाराहुल गांधी — कांग्रेस
वायनाडराहुल गांधी — कांग्रेसभाकपा के पी. पी. सुनीर
रायबरेलीसोनिया गांधी — कांग्रेसभाजपा के दिनेश प्रताप सिंह
गांधीनगरअमित शाह — भाजपाकांग्रेस के सी. जे. चावड़ा
लखनऊराजनाथ सिंह — भाजपासपा की पूनम सिन्हा
आजमगढ़अखिलेश यादव — सपाभाजपा के दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’
रामपुरआजम खान — सपाभाजपा की जयाप्रदा
बेगूसरायगिरिराज सिंह — भाजपाभाकपा के कन्हैया कुमार
भोपालप्रज्ञा सिंह ठाकुर — भाजपाकांग्रेस के दिग्विजय सिंह
पटना साहिबरविशंकर प्रसाद — भाजपाकांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा
उत्तर मुंबईगोपाल शेट्टी — भाजपाकांग्रेस की उर्मिला मातोंडकर
गुरदासपुरसनी देओल — भाजपाकांग्रेस के सुनील जाखड़
हैदराबादअसदुद्दीन ओवैसी — एमआईएमभाजपा के भगवंत राव
श्रीनगरफारूक अब्दुल्ला — नेशनल कॉन्फ्रेंसअन्य दलों के प्रत्याशी

अमेठी : स्मृति ईरानी बनाम राहुल गांधी

प्रत्याशीप्राप्त मत
स्मृति ईरानी — भाजपा4,68,514
राहुल गांधी — कांग्रेस4,13,394

स्मृति ईरानी की जीत का अंतर

55,120 वोट

निर्वाचन क्षेत्रवार परिणाम।

2014 में स्मृति ईरानी अमेठी से राहुल गांधी के विरुद्ध चुनाव हार गई थीं। पाँच वर्ष बाद इसी सीट पर उन्होंने उन्हें पराजित किया।

वायनाड में राहुल गांधी ने 7,06,367 मत प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4,31,770 मतों से हराया।

10. एनडीए की 352 सीटों का समीकरण

मई 2019 के चुनाव में भाजपा ने अकेले 303 सीटें जीतीं। उसके साथ विभिन्न सहयोगी दलों ने चुनाव लड़ा।

एनडीए के प्रमुख घटकसीटें
भारतीय जनता पार्टी303
शिवसेना18
जनता दल (यूनाइटेड)16
लोक जनशक्ति पार्टी6
शिरोमणि अकाली दल2
अपना दल (सोनेलाल)2
अन्नाद्रमुक1
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी1
आजसू पार्टी1
नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी1
भाजपा समर्थित निर्दलीय1
कुल352

यह मई 2019 में चुनाव-समय के एनडीए गठबंधन का वर्गीकरण है। बाद में शिवसेना, अकाली दल, जदयू तथा अन्य दलों के राजनीतिक संबंध अलग-अलग समय पर बदले।

2014 में भाजपा को अकेले बहुमत मिला था। 2019 में उसकी सीटें 21 बढ़ीं और उसने सहयोगियों के साथ पुनः सरकार बनाई।

30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नए मंत्रिमंडल ने शपथ ली। अमित शाह गृह मंत्री और राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री बने। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय तथा एस. जयशंकर को विदेश मंत्रालय मिला।

11. 2014 और 2019 के चुनावों की तुलना

राजनीतिक दल20142019परिवर्तन
भाजपा282303\+21
कांग्रेस4452\+8
डीएमके024\+24
तृणमूल कांग्रेस3422−12
वाईएसआर कांग्रेस922\+13
शिवसेना18180
जनता दल (यूनाइटेड)216\+14
बीजू जनता दल2012−8
बसपा010\+10
तेलंगाना राष्ट्र समिति119−2
समाजवादी पार्टी550
माकपा93−6
तेलुगु देशम163−13
आम आदमी पार्टी41−3
अन्नाद्रमुक371−36

2019 की डीएमके सीटों में अगस्त का वेल्लोर परिणाम सम्मिलित है।

राष्ट्रीय वोट शेयर की तुलना

पार्टी20142019
भाजपा31.00%37.36%
कांग्रेस19.31%19.49%
तृणमूल कांग्रेस3.84%4.06%
बसपा4.14%3.62%
सपा3.47%2.55%

भाजपा के राष्ट्रीय वोट प्रतिशत में 6.36 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई। कांग्रेस का मत प्रतिशत लगभग स्थिर रहा, लेकिन उसे आठ अतिरिक्त सीटें मिलीं।

12. सत्रहवीं लोकसभा के कार्यकाल की महत्वपूर्ण घटनाएँ (2019–2024)

तारीख / वर्षप्रमुख घटना
30 मई 2019नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
5 अगस्त 2019जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को निष्प्रभावी बनाने का निर्णय
2019जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम पारित; जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बने
9 नवंबर 2019सर्वोच्च न्यायालय का अयोध्या भूमि विवाद में अंतिम फैसला
दिसंबर 2019नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित
जनवरी 2020भारत में कोविड-19 का पहला पुष्ट मामला
मार्च 2020कोविड-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन
सितंबर 2020तीन केंद्रीय कृषि कानून पारित
नवंबर 2020–दिसंबर 2021कृषि कानूनों के विरुद्ध किसान आंदोलन
नवंबर 2021तीन कृषि कानून निरस्त करने का कानून पारित
2022द्रौपदी मुर्मु भारत की राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं
2023नया संसद भवन उपयोग में आया
सितंबर 2023महिला आरक्षण संबंधी 106वाँ संविधान संशोधन पारित
22 जनवरी 2024अयोध्या राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह
अप्रैल–जून 2024अठारहवाँ लोकसभा चुनाव

इस कार्यकाल में अनुच्छेद 370 संबंधी निर्णय, नागरिकता संशोधन कानून, कोविड-19 महामारी, कृषि कानून और नए आपराधिक कानून जैसे विषयों पर व्यापक राजनीतिक तथा कानूनी बहसें हुईं।

सत्रहवीं लोकसभा के अध्यक्ष

19 जून 2019 को राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद ओम बिरला सत्रहवीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने लोकसभा के कार्यकाल में अध्यक्ष पद संभाला।

13. पहले सत्रह लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और जनसंघ/भाजपा की सीटें

चुनाव वर्षकांग्रेसजनसंघ / भाजपा
1951–523643
19573714
196236114
196728335
197135222
1977154जनसंघ जनता पार्टी में शामिल
1980353भाजपा का गठन चुनाव के बाद
1984–854142
198919785
1991–92244120
1996140161
1998141182
1999114182
2004145138
2009206116
201444282
201952303

14. मूल आधिकारिक और शोध स्रोत

इस अध्ययन में निर्वाचन आयोग के अंतिम अभिलेख तथा चुनाव-समय के प्रकाशित विश्लेषण उपयोगी हैं।

15. सत्रहवें लोकसभा चुनाव का ऐतिहासिक निष्कर्ष

2019 के चुनाव से भारतीय राजनीति की कई महत्वपूर्ण प्रवृत्तियाँ सामने आईं।

पहली, भाजपा ने 2014 के बाद लगातार दूसरी बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। उसकी सीटें 282 से बढ़कर 303 और राष्ट्रीय वोट शेयर लगभग 31 से बढ़कर 37.36 प्रतिशत हुआ।

दूसरी, कांग्रेस की सीटें 44 से बढ़कर 52 हुईं, लेकिन वह बहुमत से बहुत दूर रही। उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट पर राहुल गांधी की पराजय और वायनाड से उनकी विजय चुनाव की चर्चित घटनाएँ थीं।

तीसरी, पश्चिम बंगाल में भाजपा दो से 18 सीटों तक पहुँची। तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन तथा आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं।

चौथी, 2014 में कोई सीट नहीं जीतने वाली बसपा 2019 में दस सीटों पर पहुँची, जबकि समाजवादी पार्टी को पाँच सीटें मिलीं।

इस चुनाव का केंद्रीय ऐतिहासिक तथ्य यह है कि भाजपा ने 303 सीटों के साथ लगातार दूसरा एकदलीय बहुमत हासिल किया, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 352 सीटें मिलीं। इस जनादेश के आधार पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी सरकार बनी, जिसने अपना कार्यकाल 2024 तक पूरा किया।

अगला, 2024 का अठारहवाँ लोकसभा चुनाव, इसलिए महत्वपूर्ण है कि उसमें भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 रह गईं। भाजपा अकेले बहुमत से पीछे रही, लेकिन एनडीए के सहयोगियों के समर्थन से नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाई।

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स्रोत

निर्वाचन आयोग की सांख्यिकीय रिपोर्टें · संकलन और तालिका-सुधार की टिप्पणी