पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार, समकालीन इतिहास और साहित्य पर केंद्रित दस प्रकाशित पुस्तकों का क्रमशः विकसित होता डिजिटल संग्रह।
10प्रकाशित पुस्तकें9विस्तृत विवरण उपलब्ध
01 · उपन्यास
घेरा
सामाजिक कुप्रथा और उससे उपजी मानवीय समस्या को प्रमुखता से उकेरने वाला यह उपन्यास एक सत्य घटना पर आधारित है। कई क्षेत्रों में कम उम्र में पति की मृत्यु हो जाने पर संपत्ति का बँटवारा रोकने के लिए विधवा का उसकी इच्छा और भावनाएँ जाने बिना परिवार के ही किसी दूसरे सदस्य से पुनर्विवाह करा दिया जाता रहा है। यह उपन्यास इसी कुप्रथा, स्त्री की असहमति और उसके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को सामने लाता है।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2001
प्रकाशक
आधार प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड, पंचकूला
02 · मीडिया अध्ययन
टेलीविज़न पत्रकारिता
1990 के दशक तक भारतीय मीडिया में प्रिंट पत्रकारिता का वर्चस्व था। रजत शर्मा और प्रणय रॉय जैसे प्रसारकों ने मनोरंजन चैनलों के लिए आधे घंटे के समाचार-समीक्षा कार्यक्रमों से शुरुआत की। दर्शक संख्या बढ़ने के साथ इन कार्यक्रमों की अवधि बढ़ी और आगे चलकर चौबीस घंटे के समाचार चैनलों का दौर आया। पुस्तक इस विकास-यात्रा के साथ टेलीविज़न पत्रकारिता में पैदा हुई प्रवृत्तियों और बुराइयों का भी विवेचन करती है।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2002
प्रकाशक
हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला
03 · पत्रकारिता
खोजी पत्रकारिता
भारत में खोजी पत्रकारिता की जड़ें 1970 के दशक और आपातकाल के दौर तक जाती हैं। बाद के वर्षों में घपलों, घोटालों और भ्रष्टाचार की घटनाएँ बढ़ीं तो अनेक प्रतिष्ठित पत्रकारों और मीडिया संस्थानों ने गंभीर खोजी अभियानों के माध्यम से नेताओं, उद्योगपतियों और ठगों के कारनामे उजागर किए। पुस्तक के विभिन्न अध्याय खोजी पत्रकारिता के इसी विकास, पद्धति और प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2003
प्रकाशक
हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला
04 · रिपोर्ट और लेख-संकलन
समय के शिलालेख
पत्रकार, लेखक और संपादक के रूप में ओमकार चौधरी की हरिभूमि, अमर उजाला और दैनिक जागरण में प्रकाशित महत्वपूर्ण रिपोर्टों और लेखों का यह व्यवस्थित संकलन है। समकालीन घटनाओं को दर्ज करने वाली इस पुस्तक पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एक शोध छात्रा ने एमफिल शोध भी किया है।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2007
प्रकाशक
युगमार्ग पब्लिकेशन, चंडीगढ़
05 · यात्रा-वृत्तांत
डन डन लंदन
लेखक ने 2013 में लंदन की संक्षिप्त यात्रा की थी। यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी—मन में जिज्ञासा और उत्साह था तो तैयारियों तथा वीज़ा को लेकर कई तरह की कठिनाइयाँ भी थीं। पुस्तक में इन अनुभवों के साथ लंबी विमान यात्रा और लंदन की भव्यता का रोचक वर्णन किया गया है। दिलचस्प शैली में लिखे इस यात्रा-वृत्तांत की उस समय कई समाचार-पत्रों में समीक्षाएँ भी प्रकाशित हुईं।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2013
प्रकाशक
अक्षरधाम प्रकाशन, कैथल
06 · साक्षात्कार-संकलन
ख़ास मुलाकातें
लेखक ने विभिन्न समाचार-पत्रों और मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए अनेक जानी-मानी हस्तियों के साक्षात्कार किए। इनमें स्वामी रामदेव, श्री श्री रविशंकर, चौधरी देवीलाल, चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत, गीतकार गोपालदास नीरज, कवि हरिओम पंवार, साइना नेहवाल, गोविंदाचार्य, सुंदरलाल बहुगुणा और चौधरी मित्रसेन जैसे प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं। यह पुस्तक उन महत्वपूर्ण संवादों का चयनित संकलन है।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2013
प्रकाशक
अक्षरधाम प्रकाशन, कैथल
07 · साक्षात्कार-संकलन
हरियाणा से ख़ास मुलाकातें
यह पुस्तक विशेष रूप से हरियाणा की राजनीति, प्रशासन, साहित्य, कला, खेल और सार्वजनिक जीवन की जानी-मानी हस्तियों के साक्षात्कारों का संकलन है। इनमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चौधरी बीरेंद्र सिंह, कुमारी सैलजा, कैप्टन अभिमन्यु, मेघना मलिक, योगेंद्र यादव, अरुण जैमिनी, अशोक खेमका, जस्टिस प्रीतम पाल, डॉ. के. सी. यादव, उदयभानु हंस, डॉ. चंद्र त्रिखा और कृष्णा पूनिया जैसे प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2014
प्रकाशक
अक्षरधाम प्रकाशन, कैथल
08 · लेख-संकलन
बदलेगी दुनिया
‘समय के शिलालेख’ की तरह इस पुस्तक में भी लेखक के कुछ प्रमुख और चुनिंदा लेखों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रमंडल खेलों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों पर प्रकाशित विशेष लेखों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस तरह पुस्तक समकालीन विषयों के साथ राज्य की उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों का दस्तावेज़ भी बनती है।
लेखक
ओमकार चौधरी
प्रकाशन वर्ष
2014
प्रकाशक
अक्षरधाम प्रकाशन, कैथल
09 · जीवनी एवं पर्वतारोहण
हौसलों के शिखर
यह पुस्तक हरियाणा के कैथल की मूल निवासी प्रसिद्ध एवरेस्ट विजेता ममता सोधा की संघर्ष-गाथा है। एक सामान्य परिवार की साधारण-सी युवती ने कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों को पार करते हुए एवरेस्ट तक की यात्रा कैसे तय की—इसका रोमांचक और प्रेरक विवरण पुस्तक में दिया गया है। पुस्तक का विमोचन हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल ने किया था।