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दस्तावेज़ · तथ्य · विश्लेषण
OCN Research Dossier–011Terror Network · Chronology · Human Cost

जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग (1989–2026)

षड्यंत्र, सीमा-पार आतंकवाद, स्थानीय नेटवर्क और मानव कीमत

यह शोध केवल हत्याओं की सूची नहीं है। घटना, लक्ष्य, हमलावर तंत्र, स्थानीय सहायता, घुसपैठ, जांच और सुरक्षा-प्रतिक्रिया—सभी को अलग-अलग प्रमाणित करते हुए टारगेट किलिंग की बदलती रणनीति का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।

प्रस्तुति Omkar Chaudhary / OCN Research Deskअध्ययन 1989–1 अगस्त 2026संपादित संस्करण 2 अगस्त 2026
पुनर्संरचित संस्करण

बीस क्रमबद्ध अध्यायों में उपलब्ध शोध

पहले आठ अध्याय परिभाषा, इतिहास, आतंकी नेटवर्क, स्थानीय सहयोग, लक्षित समूह और कालक्रम की आधारभूमि रखते हैं। बारह विस्तृत केस स्टडी अब अध्याय 09 से 20 तक स्वतंत्र रूप में उपलब्ध हैं; प्रत्येक के आरंभ में मुख्य हाइलाइट दिए गए हैं।

प्रकाशित · अध्याय 01टारगेट किलिंग—परिभाषा, स्वरूप और अध्ययन की सीमाएंपरिभाषा, कानून, वर्गीकरण, गणना और प्रमाण-पद्धतिपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 021989–90: लक्षित आतंक और कश्मीरी पंडितों का पलायनपृष्ठभूमि, चुनिंदा हत्याएं, 19 जनवरी और विस्थापन का क्रमबद्ध पुनर्निर्माणपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 03पलायन के बाद का आतंकसंग्रामपोरा, वंधामा, नादिमार्ग और घाटी में बचे पंडितपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 04आतंकी संगठन और बदलते छद्म नामJKLF, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर, जैश, TRF, PAFF और अन्य फ्रंटपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 05सीमा पार से लक्ष्य तक: घुसपैठ और लॉजिस्टिक नेटवर्कमार्ग, हथियार, ड्रोन, हैंडलर, गाइड, रिसीवर, वित्त, संचार और रेकीपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 06स्थानीय सहयोग: OGW और हाइब्रिड आतंकीस्थानीय सहायता, नए मॉड्यूल, जांच-साक्ष्य और कानूनी सीमाएंपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 07किन लोगों को निशाना बनाया गया?समुदाय, पेशा, सार्वजनिक भूमिका और हमले का रणनीतिक संदेशपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 081989–2025: पूर्ण तारीखवार घटनाक्रमप्रमुख पुष्ट लक्षित हत्याएं और चयनित सामूहिक हमलेपढ़ें →
अध्याय 09–20स्वतंत्र केस स्टडी

हर घटना का लक्ष्य-चयन, घटनाक्रम, नेटवर्क, जांच, न्याय और प्रभाव अलग अध्याय में पढ़ें।

प्रकाशित · अध्याय 091989–90: कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याएंचुनिंदा हत्याओं, भय, पलायन, आंकड़ों के विवाद और अधूरे न्याय का विस्तृत अध्ययनपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 10वंधामा नरसंहार, 1998तारीख और मृतक संख्या के अंतर से लेकर हमले की तैयारी, जांच और रणनीतिक प्रभाव तकपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 11छत्तीसिंहपोरा नरसंहार, 2000सिख नागरिकों की सामूहिक हत्या, विवादित जिम्मेदारी और पथरीबल–ब्रकपोरा की त्रासदीपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 12नादिमार्ग नरसंहार, 2003सुरक्षा के बीच हमला, वर्दी का छल, पलायन की नई लहर और दो दशक बाद पुनर्जीवित मुकदमापढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 132019: प्रवासी मजदूरों और कारोबारियों पर हमलेसेब कारोबार, ट्रक चालकों और गैर-स्थानीय श्रमिकों को निशाना बनाने वाली अक्टूबर श्रृंखलापढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 14अक्टूबर 2021: लक्षित हत्याओं की श्रृंखलाअल्पसंख्यक नागरिक, शिक्षक, कारोबारी और प्रवासी श्रमिक—सत्रह दिनों की हिंसा का विश्लेषणपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 15राहुल भट, रजनी बाला और विजय कुमार: 2022सरकारी कार्यालय, स्कूल और बैंक को हत्या-स्थल बनाने वाली तीन प्रतिनिधि घटनाएंपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 16डांगरी हमला, 2023पहचान देखकर गोलीबारी, अगले दिन IED विस्फोट और जम्मू क्षेत्र में बदलता आतंकी भूगोलपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 17रियासी बस हमला, 2024तीर्थयात्रियों की बस पर गोलीबारी, स्थानीय सहयोग की जांच और धार्मिक पर्यटन पर हमलापढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 18गगनगीर सुरंग कर्मचारी हमला, 2024श्रमिक शिविर, स्थानीय डॉक्टर और Z-Morh सुरंग परियोजना पर बहुस्तरीय प्रहारपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 19पहलगाम–बैसरन हमला, 2025पर्यटकों की पहचान-आधारित सामूहिक हत्या, सुरक्षा शून्य, जांच और सैन्य परिणामपढ़ें →प्रकाशित · अध्याय 20जुलाई 2026: पुलिसकर्मी और प्रवासी मजदूर निशाने परअनंतनाग और कुलगाम की हत्याएं, संभावित मॉड्यूल और हाइब्रिड आतंक की नई चुनौतीपढ़ें →
OCN Research Standard

मत से पहले साक्ष्य · प्राथमिक स्रोतों को प्राथमिकता · आरोप, जांच और न्यायिक निष्कर्ष का पृथक्करण · व्याख्या से पहले कालक्रम · समुदाय और प्रमाणित नेटवर्क के बीच स्पष्ट अंतर।